मेरे लिए
बड़ा आसान सा है..
हर रोज ..तेरे सपने देखना
बस...
गुलाबी कागज़ पर
उलटे हाथ से
तुम्हारा नाम लिखकर ..
तकिये के नीचे
डाल देता हूँ.
पर.. जरा सी
मुश्किल रहती है...
नहीं समझा पाता
घर में अम्मा को
सुबह-सुबह...
मेरी उनींदी और
सूजी हुई
आँखों का राज़..
Copyright@Santosh kumar
(मेरी कविता संग्रह : आधा-अधूरा प्यार से)
बड़ा आसान सा है..
हर रोज ..तेरे सपने देखना
बस...
गुलाबी कागज़ पर
उलटे हाथ से
तुम्हारा नाम लिखकर ..
तकिये के नीचे
डाल देता हूँ.
पर.. जरा सी
मुश्किल रहती है...
नहीं समझा पाता
घर में अम्मा को
सुबह-सुबह...
मेरी उनींदी और
सूजी हुई
आँखों का राज़..
Copyright@Santosh kumar
(मेरी कविता संग्रह : आधा-अधूरा प्यार से)