Saturday, March 17, 2012

प्रवासी पक्षी !


१.
कोई आवाज दे,
कोई तो याद दिलाये
प्रवासी पक्षियों को
कि मौसम है बीत चला
यहाँ और रहने का,
सूरज ने है फिर से
अपना करवट बदला.
२.
घर पर इंतज़ार कर रहे
नवजात चूजे भी
अपना पंख फडफडाने को
और बुजुर्ग पक्षी भी
आँखे बिछाए, ,  राह तक रहे
जीवन अनुभव बांटने को.
३.
कोई संदेशा दे,
याद दिलाये उन्हें
खुशबू अपनी माटी की,
धूप अपने आँगन की .

Copyright@संतोष कुमार ‘सिद्धार्थ’, २०१२

19 comments:

  1. वाह!!!
    बहुत सुन्दर....

    नीड़ पड़ा है सूना...कोई अपना है ताकता बाट तेरी...लौट जा ओ पंछी.....

    सादर.

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  2. कहाँ गयी हमारी टिप्पणी ????

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    1. परेशान ना हों.. आपकी टिपण्णी बिलकुल दिख रही है!

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  3. Replies
    1. Mridula Jee : Thank you for you valuable comments.. do visit again. You're welcome!

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  4. कहीं आपका इशारा प्रवासी नागरिकों की तरफ तो नहीं है?? उन्हें भी अपने वतन की सुध लेनी चाहिए..

    अंजलि 'मानसी'

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  5. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर की गई है।
    चर्चा में शामिल होकर इसमें शामिल पोस्ट पर नजर डालें और इस मंच को समृद्ध बनाएं....
    आपकी एक टिप्‍पणी मंच में शामिल पोस्ट्स को आकर्षण प्रदान करेगी......

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    1. धन्यवाद ! आपका आभारी हूँ मेरे पोस्ट को अपने मंच पर स्थान देने के लिए.
      शाम में बाकी के लिंक्स पढूंगा.

      आपकी नयी जिम्मेदारी और कार्यक्षेत्र में तरक्की के लिए शुभकामनायें. आप मेरी रचनाएँ अपने अखबार में छाप सकते हैं.

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  6. दर्द है रचना में ...
    मन के भाव सुंदरता से उकेरे हैं ....!!
    बधाई एवं शुभकामनायें ...!!

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  7. अनुपमा जी .. धन्यवाद.
    अक्सर जीवन में ऊँचे लक्ष्य हासिल करने के लिए या कुछ मजबूरियों की वजह से लोगों को परदेशी होना पड़ता है. दर्द तो दोनों पक्ष में है, परदेशियों को भो और घर पर इंतज़ार कर रहे अपनो को भी.

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  8. जीवन अनुभव को सुन्दर भाव व शब्द में सजाया है ..जो बहुत कुछ कह रही है..

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  9. बहुत सुन्दर भाव भरी क्षणिकाएं ....
    सादर.

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  10. कोई संदेशा दे,
    याद दिलाये उन्हें
    खुशबू अपनी माटी की,
    धूप अपने आँगन की .
    एक दिन हमें भी अपने मूल निवास 'परम -धान 'जाना है अपना पार्ट भुगता कर .पुराना चोला छोड़कर .रहना नहीं देश बे -गाना है .....

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  11. बहुत ही सुन्दर प्रवासी पक्षियों के माध्यम से गहरा सन्देश देती है पोस्ट।

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  12. बहुत खूब ... तीनों संवेदनशील ....

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  13. वाह बहुत खूब ....

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  14. बहुत सार्थक प्रस्तुति...

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बताएं , कैसा लगा ?? जरुर बांटे कुछ विचार और सुझाव भी ...मेरे अंग्रेजी भाषा ब्लॉग पर भी एक नज़र डालें, मैंने लिखा है कुछ जिंदगी को बेहतर करने के बारे में --> www.santoshspeaks.blogspot.com .